Monday, August 2, 2010

dr.shaliniagam (shubh aarogyam) pyaar


कुछ शब्द मेरे अपने ( प्यार )

प्यार से बड़ी कोई चीज नहीं
घृणा तो है सूखी बंजर ज़मीं
प्यार कि बरसती बूंदों से
आओ हम सब मिलजुल कर
भिगो दें उस प्यासी धरती को
पोषित-पल्लवित होंगे प्रेम-पुष्प
प्यार की रिम-झिम में धुलने दो
सारी कडवाहट ,भरने दो धरा की
सूखी दरारों में प्रेम के गीले मोती

चमचमाने दो मित्रता के हीरे -मानिक
विद्वेष ,घृणा , कडवाहट के
धुलने प़र लहलहाएगी
सद्भावना की खेती
जीवन को फलने-फूलने दो
स्वम को दूसरों की
स्तिथि में तोलने दो
जो सोचा दूसरों के विषय में
वही चिंतन होता है अपने बारे में
इंसान के जीवन में सबसे
ज्यादा ज़रूरी है प्रेम
प्रेम के इन्द्रधनुषी रंगों में
स्वम को भिगोने दो
फटने दो बादल कटुता का
बरसने दो प्रेम की रिम-झिम बरसात
बुझा दो प्यास धरती की
दे दो बस प्रेम की सौगात।
डॉ.शालिनीअगम


11 comments:

dr. p. a. said...

HI POETESS,
I LOVE YOUR STYLE

LOVE 4 U said...

.........SO......MUCH.......EXILENT......GOOD..

SEEMS SHARMA said...

LUV ALL.......NICE SHALINI

GINNI AHUJA said...

HEYYYYYYY DEARRRRRRR
Life is about who you love and who you hurt
It's about who you make happy or unhappy purposely.
NICE SHAAAA

vidisha.....Mumbai said...

nice lines shaliniji

Anonymous said...

DEAR SHAAAAAA
I Will Love You Until My Very Last Breath ......

dr.husain said...

शालिनीजी,
ब्लॉग कि इस दुनिया का गौरव हो तुम,
ब्लॉग के असमान का सितारा हो तुम,
ब्लॉग के तख्तो-ताज की मल्लिका हो तुम,
डॉ. हुसैन

DHEERAJ said...

OOOOOOOOOO WHAT A PERSONALTY
WHAT A STYLE..........
WHAT A ATTITUDE ...........
I LIKE U

Anonymous said...

shaliniji
I Can Sense Your Presence,
I Can Feel Your Fragrance,
You Are The Most Beautiful Happening Of My Life..

dr.kk said...

हे सुन्दरी
सुंदर रचना है आपकी,
सुंदर आपकी शैली है,
सुंदर आपका अंदाज है,
व् सुंदर आपकी बोली है

PRIYANKAR (US) said...

हर दिल जो प्यार करेगा वो गाना गायेगा
i love those who love others........
beautiful shalini
.........PRIYANKAR (US)



डॉ.शालिनिअगम (शुभ आरोग्यं) ध्यान है एक नृत्य


शालिनीअगम (ध्यान है एक नृत्य )कुछ शब्द मेरे अपने

नमस्ते भारतवर्ष
आजकल के तनाव-ग्रस्त वातावरण में मानसिक रोगी हो जाना कोई विस्मय की बात नहीं है.रोजाना के दैनिक क्रिया-कलापों में न जाने कितने दबाब हम-सब झेलतें हैं। जिसके कारण कुंठा,आवेश,झुंझलाहट ,क्रोध बढता जाता है,और न कितने कमजोर इच्छा-शक्ति वाले व्यक्ति जीवन को भर समझ वहन करतें चलतें हैं। इस दबाब को कैसे शिथिल किया जाय , इन तनावों से कैसे छुटकारा पाया जाय ----उत्तर केवल एक है
ध्यान'।
ध्यानपूर्ण -क्षणों में जाना होगा
२४ घंटों में से यदि कोई केवल एक घंटा ध्यान करे,तो मानसिक रोगी तो कभी नहीं होगा। उस एक घंटे के लिए व्यक्ति की चेतना में न कोई स्मृति ,न कोई कल्पना,न कोई विषय -सामग्री,न कोई विचार।फलस्वरूप उसे नयी ताजगी,नयी उर्जा, नया आनंद मिलेगा। और इसके लिए प्रथम और सरल उपाय है ......नृत्य और संगीत में रुचि जगाना।
जीवन एक गीत है जिसे गाना है,एक नृत्य है जिसे नाचना है।
नृत्य नर्तक के साथ -साथ पलता-बढ़ता है,उसी के साथ जीता और मरता है। नृत्य करते-करते नर्तक न जाने कंहा लुप्तप्राय : हो जाता है , दृश्य रहता है तो केवल नृत्य । पौराणिक काल से लेकर अब तक नृत्य को ध्यानपूर्ण मुद्रा माना गया है
इसे करतें है मेरे अगले ब्लॉग का इन्तजार कीजिये ।
डॉ शालिनीअगम

शालिनीअगम (ध्यान है एक नृत्य )कुछ शब्द मेरे अपने




नमस्ते भारतवर्षmeditation is parting in your inner-self


व्यक्ति अपना रोष,अपना दुख,अपनी प्रसन्नता ,सभी कुछ संगीत के लय ताल द्वारा प्रकट कर तनाव रहित हो सकता है.



शंकर , मीरा,कबीर,चैतन्य महाप्रभु ,कृष्ण की बांसुरी की लय प़र सुध-बुद्ध खोती गोपियों का नर्तन, सूफी-संत आदि नृत्य द्वारा ध्यान में समाये रहते थे । नृत्य व् संगीत द्वारा व्यक्ति का तन-मन , सुध-बुद्ध खोकर आनंदित होकर झूमने लगता है तब सृष्टि भी अपने साथ नृत्य करती, झंकृत होती मालूम पड़ती है।


ओशो ने भी कहा है कि जब हम नृत्य में खो जातें हैं तब हम अपने अस्तित्व को भूल जातें हैं ....दिखाई देता है तो केवल नृत्य और उससे उपजता आनंद .........'नृत्य ही तुम्हारा परमात्मा तक जाने का रास्ता है '........और फिर हर ओर एक नई ताजगी, एक नई दिव्यता का अहसास होने लगता है।

तो उठो मेरे भारतवर्ष संगीत को अपनाओ हर उत्सव को नाच-गा कर और भी अधिक आनंद-दायक बना लो ,अरे रे रे ....शर्माना कैसा और किससे ,नहीं तो बंद कमरे से शुरुवात कैसी रहेगी ,मनपसंद लय-ताल चुनो फ़िल्मी संगीत चुनो,इंडियन क्लासिकल या पाश्चात्य संगीत चुनो ,प्ले का बटन दबाओ और शुरू हो जाओ .
meditation revive your cells which starts danc
MEDITATION MAKES YOU ACTIVE SO START DANCING
SO MY DEAR INDIA,'THE RESULT OF SIMPLE PROCESS OF FUN WITH DANCING IS OUT STANDING.........IT SYNCHRONIZES THE POSITIVE & NEGATIVE ENERGY INSIDE THE BODY......... THE MAN AND WOMAN ' THE YIN AND YANG', LIFE AND DEATH
CHEERSSSSSSS
DR. SHALINIAGAM
2010



Sunday, August 1, 2010

शालिनिअगम (शुभ आरोग्यं) हमेशा अपने मन की सुनो


नमस्ते भारतवर्ष,
हमेशा अपने मन की सुनो ..........
यह जो हमारी लाइफ है न ,हर बार दो रास्ते नज़र आयेंगे ....... हर पल मन में अनेक आवाजें सुनाई देंगीं .........उलझन का समय आएगा...........

ये काम करूँ या ना करूँ , इस रास्ते जाऊं या उस रास्ते जाऊं .इस उलझन और संशय की स्तिथि में स्वयम की ही सोच काम करेगी.
भटकना छोड़ कर मनन करें , केवल अपने मन की बात प़र ध्यान दें .केवल अपने मन की बात को जानने प़र ही सच्चाई को जान पाओगे.
उलझन से बचने का एक ही रास्ता है, केवल अपने मन कि बात सुनो ,self-centered होकर ही जीत पा सकते हो . अगर तुमने अपने अंदर
की आवाज को पहचान लिया है तो बाहर कुछ भी पाने की , ढूढने की आवश्यकता नहीं है ,
अपनी आँखे खुली रखो , तभी सच जान पाओगे, जब अपनी आँखें बंद रखोगे तो सच भी भीतर ही बंद हो जाएगा .
अपने अंदर की आवाज जो तुमने खुद ही मनन करके सुनी है,उसी में से ,तुम्हारे भीतर से एक नया ,चमकता हुआ ,आत्मनिर्भर,
केवल तुम्हारा ही विजय-गान सामने आएगा ,और देखो ........... जीवन मस्त और कितना खुशहाल बन रहा है
तुम्हारा जीवन निराशा के अँधेरे से निकल कर आशा के उजाले से भर रहा है.


10 comments:

ruchi said...
we people realy needs these types of words. its very exiting.shalini mam u deserve to touch the sky.
Ruchi
Ashu said...
shalini u r fantastic........................
:)ashu
a@mit said...
Good lines,
i will think about this.
ANONYMOUS said...
And I truly believe

You’re some one dear!

Here’s something I’d like to share with you,
hi dear, i truly beleive that u r some one dear
For all of your love and kindness too.
It’s a symbol of the Friendship we share together
ANONYMOUS said...
And I truly believe

You’re some one dear!

Here’s something I’d like to share with you,
hi dear, i truly beleive that u r some one dear
For all of your love and kindness too.
It’s a symbol of the Friendship we share together
$$$$$$$$$$$$$$$ said...
HI SHAAAAAAAAAAA
RRRRREEEEEEEAAAAAAALLLLLLLLLYYYYYYYYY
GOOOOOOOOOOOD
Anonymous said...
SHALINI U R FANTASTIC
Harsh Raj.....Delhi said...
SHALINI TRULY SAID
yours said...
shaliniagam

I Can Sense Your Presence,
I Can Feel Your Fragrance,
You Are The Most Beautiful Happening Of My Life..
Anonymous said...
प्रिय शालिनी
आप मुझे भा गयीं हैं.
आपका लेखन प्रभावशाली है
डॉ.झा

Thursday, July 29, 2010

डॉ.शालिनिअगम (शुभ आरोग्यं ) छोटी मगर काम की बातें


नमस्ते भारतवर्ष,
छोटी मगर काम क़ी बातें ................
*प्यार करना है ,तो पहले खुद से करो।
*अपनी चिंताओं का पहले ही मार दो,इससे पहले कि चिंता तुम्हे मार दे।
*अपने गंतव्य तक पहुँचो हर कोशिश करके ,ऐसा हो कि मंजिल ही बदल जाये
*जी लो ज़िन्दगी को कहीं देर ना हो
जाये, ज़िन्दगी ही हाथ से निकल जाये
*एक सफल रिश्ता आपसी समझ का मोहताज होता है प़र उससे कहीं अधिक ज़रूरी है कि रिश्तों में गलत फ़हमी ही हो।
*कोई भी कार्य आरम्भ करने से पहले ही या पहले प्रयास में ही उसकी असफलता के बारे मेंअधिक ना सोचें क्योंकि
गणित-शास्त्र भी शून्य से ही प्रारंभ होता है।
*असफल होने प़र भी हिम्मत नहीं हारना कभी चींटी को ध्यान से देखो ,उसके निरंतर प्रयास को देखो ..After failling twice, Edmund hillary challanged Mount Everest " I will come again and conquer you. because as a Mountain you can not grow but as a human I can grow.
.......
*जब किसी बात का उत्तर समझ आये तो चुप रहने में ही भलाई है।
*मुस्कराहट हर परेशानी का हल है , हर बिगड़े चेहरे को अपने वश में कर लेती है।
*कभी भी अपनी ज़िन्दगी के किसी भी दिन या घटना या बन्दे को मत कोसो,क्योंकि अच्छे दिन आपको खुशियाँ देतें हैं और बुरा दिन आपको अनुभवी बनातें हैं दोनों ही जीवन जीने के लिए ज़रूरी हैं इसलिए लाइफ का हर दिन मजे से जियो
by
dr.shaliniagam
directer & founder
shubh aarogyam
www.aarogyamreiki.com