Wednesday, November 20, 2013

मधुरिमा सी गुनगुनाऊँ ,तुम सुख सपनों में खो जाना 
मैं गाऊँ  गीत कुछ मद भरे   ,तुम चुपके चुपके  सो जाना 
 प्रणय -लाज भरी लोरी सुन मोरी   निंदिया के संग घर  जाना 

डॉ स्वीट एंजेल की बहुत प्रसिद्ध ,सुंदर व् सार्थक प्रणय व् अनुराग को दर्शाती कुछ रचनाएँ जिन्हें अनेको पत्र -पत्रिकाओं ने सम्मानित व् प्रकाशित किया है …. दिल को छूती रचना बधाई बहुत बहुत

बस  … यूँ ही ख्यालों में 
बीत जातें हैं लम्हे कई 
तू  ……… तो नहीं पास मेरे 
पर तेरी रेशमी यादें सुरमई 
गुदगुदा जाती है वो छुअन तेरी 
कसमसा जाती है धड़कन  मेरी 
तू भी तो याद करता होगा 
मेरी सांसों की महक कहीं 

डॉ स्वीट एंजेल की बहुत प्रसिद्ध ,सुंदर व् सार्थक प्रणय व् अनुराग को दर्शाती कुछ रचनाएँ जिन्हें अनेको पत्र -पत्रिकाओं ने सम्मानित व् प्रकाशित किया है …. दिल को छूती रचना बधाई बहुत बहुत

जहाँ  एक ओर  प्रकृति साक्षी है हर भाव अनुभाव  की तो दूसरी ओर सोशल नेटवर्किंग साईट को प्रेम प्रदर्शन का एक सशक्त माध्यम माना  है। …



काश …………… 
मेरी याद-दाश्त खो जाये 
काश 
मैं भूल जाऊँ कि तू कौन है
काश 
मैं फिर से खुद को अकेला समझ 
सपने कुछ बुनूँ अपने प्यार के 
काश 
मैं सुन ही न पाऊँ अपने दर्द की कहानी 
काश 
 जान ही न पाऊँ कि  ये आँखें अचानक क्यों भर आयीं 
काश 
आसक्ति से विरक्ति की ओर  कभी जा ही न पाऊँ 
काश 
तू मुझे मिले  और मुझे  पहचान ही न पाए 
कि   फिर से हम  प्रेम भरे गीत गायें 
काश 
तू नए रूप -रंग में  आकर 
फिर से रंग दे अपने ही  रंग में
 काश 
फिर जन्म ले कर तुझे फिर से पा जाऊँ  
काश 
कि  तुझे पाने की मेरी जिद ही 
हमारे पुनर्मिलन का कारण  बन जाये 

Tuesday, November 19, 2013

a very touching creation by poetess Dr.Shalini Agam ...

सिर्फ तुम 
और तुम्हारा वो अगणित प्रेम  
जानकार भी क्यों न जान पाया कभी 
आकाश में खिंचा हुआ 
वह दो पलकों का इंद्रधनुष 
चीखकर जब भी रोया 
तुम्हारी दो अलकों के बीच 
रजत-चन्द्र सा वो मुखड़ा 
तड़पकर जब भी तड़पा 
समझ ही  न पाया 
उस एक मनुहार को  
जो 
अमृत के रस सा था 
जो पूज्य था 
पावन और पवित्र था 
वाणी में  दर्द तुम्हारा
 रह -रह कर 
कांपता सा था 
तुम्हारे सपनों का 
वो इंद्र -धनुष 
मुझ आकाश की  ओर 
कितनी बेताबी से ताकता  था 
पर एक अज्ञात झिझक 
मेरे अहम की 
रोक देती थी मुझको 
तुम्हारे अस्तित्व को 
समेट  लेने से 
तुम्हारी अनलिखी वो पाती 
न पढ़ सका कभी 
 तुम्हारे नयनों में 
कभी भी
न गढ़ सका 
प्रणय -पलों को 
तुम्हारे प्रेमसिक्त अधरों में  
न घोल सका 
प्रीत अपने अधरों की 
ओ-दिव्य-रूपिणी 
न मद-मस्त हो सका
 उस पुष्प-गंध में 
जिसका स्पर्श मेरी आत्मा में 
उतरने को व्यथित था 
न जान सका कभी 
कि देह की  भाषा 
देह द्वारा ही पढ़ी जा सकती है 
स्पर्श ही है वो संजीवनी 
जो प्रेम -जीवन में 
प्राण फूंकता है
काश के सिर्फ तुम 
और तुम ही 
मुझे जिला पातीं 
अपने मधुर स्पर्श से 
अपनी देह से मेरी देह को 
स्वाँसों का अमृत पिला पातीं 
या मैं ही समझ पाता 
देह से तिक्त 
इस एकाकी मन की 
तुम्ही हो वो अमृत धारा 
तुम्ही तो हो वो 
चैन वो सहारा 
तुम्ही तो हो 
सिर्फ तुम तुम्ही तो हो 

a very famous writes up of Dr.Shalini Agam ...in many leading news papers .........

सत्यागृह का अमोघ अस्त्र 
चुप्पी 
सौ बातों  का एक ही उत्तर 
चुप्पी 
दीर्घ ,अविचलित चुप्पी 
विचलित कर देती है मुझको 
उद्वेलित कर जाती दिल को 
जब तक बोलती रहीं 
ध्यान ही नहीं गया
 तुम पर कभी 
मैं बेखबर ,बेसबर 
हर शब्द को करता रहा अनसुना 
तुम्हारे शब्द कानो से टकरा कर 
गिरते रहे ,खोते रहे 
पर आज 
तुम्हारी ये चुप 
दिल में  सीधे उतरती जा रही है 
बैचैनी में तुमने जो भी कहा 
सुना ही नहीं कभी मैंने 
फिर आज तुम्हारे मौन से इतना 
बेचैन  क्यों हूँ ????

Thursday, October 17, 2013

dr sweet angel's achievements of 2013 .......










स्वीट एंजिल को मिला प्रशंसकों का ढेर सा प्यार व् 

आदर। … 

२०१३ की बहुचर्चित ब्लोगर डॉ स्वीट एंजिल  

…………। 

  • प्रिय डॉ स्वीट ,स्वत:स्फूर्त शब्द तुम्हारी लेखनी से ऐसे झरते हैं जैसे कोई झरना हिमालय से चला आ रहा हो ,कही कोई व्यवधान नहीं ,………………… एक प्रशंसक 
    ,                                                                                                                                                                                                                                                       स्वीट बेटा                                                                                                                      सदा ऊंचाईयों को छूओ ,तुम योग्य पात्र हो  …………………डॉ धीरेद्र सहाय                          


Teri khubsurti ko meray alfaaz chu 

nahin 

saktay...,Hujoom-E-Husn mein tum 

Chasmebadoor lagti ho..!!!

tumne sabit kar diya ki tum sachmuch kitini talented 

ho

kyon tumhara naam sweet angel hai....by mr. Jain

sweet
mujhe tumhari talent pe pura pura yakeen hai............


so mpls hv faith in u and almighty and ur Guru Maa and family

aagaman ki brand ambassdor ho

aapka gol chehra hai jaise puranmasi ka chand

वाह,


बहुत सुन्दर 

डॉ स्वीट एंजिल 


सदा खुश रहो, मेरी दुआ सदा तुम्हारे साथ है!"