Tuesday, September 24, 2013
Dr.Shalini Agam's write ups In media .
डॉ शालिनी अगम की एक कविता
मेरी एक कविता ................या .......................कह लीजिये मेरे जीवन-साथी को समर्पित कुछ शब्द ..............आभार ............या धन्यवाद ............कि उन्होंने मुझे अपनी जीवन-संगिनी के रूप में स्वीकार कर मुझे धन्य किया .................कृतज्ञता के ये कुछ शब्द रुपी पुष्प उन्हें समर्पित ...........................
सौंदर्य का सार
सौंदर्य.......................
...........
भला लगता है नेत्रों को,
सुखद लगता है स्पर्श से,
संपूर्ण विश्वा एक अथाह सागर, जिसमे भरा है सौंदर्य अपार,
हर चार -अचर हर प्राणी, सौन्दर्य को पूजता है बार-बार;
सौन्दर्य का भण्डार है देव -लोक,
सौंदर्य का कोष है पृथ्वी -लोक ,
प्रत्येक पूजित अपूजित व्यक्ति,
कल्पना करता है तो केवल,
सौंदर्य को पाने की;
परंतु......................... ...........
एसे कितने मिलते है यहाँ ,
जो रूपता कुरूपता को,
समान पलडे पर तोलते है; जो चाहते है मानव -मात्र को,
मानते है दोनों को समान ,
शायद कुछ-एक-ही
कहीं ये एक समझोता तो नहीं?
नहीं;......................... ........
यह कठोर सत्य है,
वे वस्तुतः; प्रेमी है,
मन की सुन्दरता के;
शारीरिक सौंदर्य जिन्हें,
भटकाता नहीं है ,
वास्तविक जिंदगी से दूर............
उन्हें ले जाता नहीं है!
Monday, September 23, 2013
Dr.Shalini Agam "Aagaman ek khoobsurat shuruwaad "
"Aagaman ek khoobsurat shuruwaad " first ever hindi
magazine launch and poetry reading event
......................."Aa
- I totally agree to You DrSweet Angel. But there is aproblem when your nears and dears think you as their personalproperty and you belong to a greater society , what should be done inthat case. Do you have any suggession in such case ?????????
- remain always sweet......Happy-Vijaya-Dashmee Doctorकिसी ने कहा भी है कि ………………अपने हाथों से तराशा, मैंने अपनी देह को,तब कहीं मेरा बदन ये, आदमी जैसा ढ़ला है!
…बहुत सुंदर ! आपकी तस्वीर और आपकी उपलब्धियां डॉ स्वीट। ।
Saturday, September 21, 2013
Monday, June 10, 2013
Being Human ...Dr.Sweet Angel
एहसास ................चुप ही रहें
तो अच्छे हैं .........
वरना ..............दिल से उमड़ते
ही दिल का हाल सुना देतें हैं ......
ehsaas ..............chup hi rahen
to achchen hain...............
werna ..............dil se umadte
hi dil ka haal suna deten hain,
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