Wednesday, July 7, 2010

डॉ. शालिनिअगम शुभ आरोग्यं ( ज़िन्दगी हमारे विचारों का दर्पण है )

ज़िन्दगी आपके प्रत्येक विचार का दर्पण है,
इसलिए अपने विचारों को सकारात्मक रखिये,
तब ज़िन्दगी हर हाल में अच्छे परिणाम ही लाएगी,
क्योंकि हम जब कहतें हैं हाँ अच्छी है ज़िन्दगी,
तब ज़िन्दगी कहती है अब अच्छी हूँ मैं................................तुम्हारे लिए .

डॉ.शालिनिअगम

directer & founder SHUBH AAROGYAM
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shaliniagam (shubh aarogyam) ज़िन्दगी हमारे विचारों का दर्पण है

नमस्ते भारतवर्ष ,be with me always,
Life mirrors your every thought. Keep your thoughts positive, and Life will bring to you only good experiences. When you say YES to life, life will says YES to you
ज़िन्दगी आपके प्रत्येक विचार का दर्पण है,
हम जैसे विचार मन में बनातें हैं,
ज़िन्दगी का रूख उसी ओर होने लगता है,
इसलिए अपने विचारों को सकारात्मक रखिये,
तब ज़िन्दगी हर हाल में अच्छे परिणाम ही लाएगी,
क्योंकि हम जब कहतें हैं हाँ अच्छी है ज़िन्दगी,
तब ज़िन्दगी कहती है अब अच्छी हूँ मैं................................तुम्हारे लिए .


डॉ.शालिनिअगम

directer & founder SHUBH AAROGYAM


Wednesday, June 30, 2010

DR.SHALINIAGAM(M.A.PH.D.)SHUBH AAROGYAM





Our passions, expectations, life experiences, and even our personalities all contribute to the level of happiness we experience in our lives. Some find happiness in their careers while others find ways to be happy in their marriages or other relationships

No matter how you define happiness for yourself, there are certain universal and time-proven strategies to bring, and sustain, more happiness into your life. The following one dozen timeless ways to be happy can be adapted and even customized to fit your needs. Over time, these strategies will become positive and life-changing habits that will begin to bring more happiness, joy and peace into your life.
Notice What's Right

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Some of us see the glass as being half-full and others see the glass as half-empty. The next time you are caught in traffic, begin thinking how nice it is to have a few moments to reflect on the day, focus on a problem you have been trying to solve, or brainstorm on your next big idea. The next time you get in the slow line at the grocery store, take the opportunity to pick up a tabloid magazine and do some œguilty pleasure� reading. Take all that life throws out you and reframe it with what's right about the situation. At the end of the day, you will more content, at peace and happy. Take the time to begin to notice what's right and see the world change in front of your eyes.

Be Grateful

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How many times do you say the words œthank you,� in a day? How many times do you hear these same words? If you are doing the first thing, saying the œthank yous,� the latter will naturally happen. Learn to be grateful and you will be open to receive an abundance of joy and happiness.

Remember the Kid You Were

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Do you remember how to play? I'm not referring to playing a round of golf or a set of tennis. I'm talking about playing like you did when you were a child a game of tag; leap frog, or street baseball when the bat is a broken broom handle and the bases are the parked cars. One way to find or maintain your happiness is to remember the kid you were and play!








Tuesday, June 29, 2010

डॉ.शालिनिअगम (शुभ आरोग्यं) धन्यवाद


नमस्ते भारतवर्ष
और
धन्यवाद मेरे उन सभी शुभचिंतकों का जिनका प्यार और सहयोग पाकर मुझे अतीव हर्ष का अनुभव हो रहा है गुरु राजीवजी ,अजय कुमारजी,निर्मला कपिलाजी, उड़न तश्तरी, आशा जोग्लकर जी ,मनोजजी , sbisbani ji,विक्रांत जी,डॉ। श्याम गुप्ता जी,नन्हेजी , शाशिवेंद्र कुमार सैनीजी, .................और उन सभी आदरणीय ब्लॉग लेखकों और मेरे प्रशंसकों को मेरा हार्दिक धन्यवाद
डॉ स्वीट एंजिल शुभ आरोग्यं

Monday, June 28, 2010

SHALINIAGAM (SHUBH AAROGYAM)अपनी मनोकामना पूरी कैसे करें

नमस्ते भारतवर्ष
अपनी मनोकामना पूरी कैसे करें
चलिए में आपको बतातीं हूँ .
हमें अपने जीवन से क्या चाहिए .......?
शक्ति एवं बुद्धि ,शोर्य ,तेज,ओज,शांति,धन-संपत्ति , उत्तम स्वास्थ्य ,दाम्पत्य जीवन में मधुरता ,सभी दिलों में प्यार का प्रसार,कार्य-क्षमता में वृद्धि , मानसिक शांति की प्रचुरता,स्वम को
समझने की शक्ति इत्यादि-इत्यादि ....
ह्रदये की गेहाईयों में हमारी आकांशाएं क्या, हम कैसे लोग चाहतें हैं ,कैसी परिस्तिथियों को हम पसंद करतें हैं,क्या-क्या सुविधाएँ जीवन में चाहियें . इन सबका मूल्यांकन करके चयन
करें और प्राथमिकता दें उस बात को , उस मनोकामना को जो सबसे तीव्र है और तब उसको पूर्ण करने का संकल्प लें .
मनोकामना सिद्ध करने के लिए चर चरणों से निकलना पड़ता है ................
प्रथम चरण
सर्वप्रथम अपने दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाइये .अपने अन्दर की नकारात्मकता को दूर निकाल फेंकिये
भरपूर आत्मविश्वास के साथ जीवन -समर में विजय की भावना के साथ खड़े हो जाइये .
दृढ निश्चय के साथ अपनी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए मनोकामना -सिद्ध ध्यान के लिए तैयार हो जाइये .
द्धितीय चरण
प्राथमिकता सबसे आवश्यक मनोकामना को दें अपना लक्ष्य चुनें जो वस्तु या परिस्थिती आप चाहतें हैं उसे स्पष्ट रूप दें ,
उसकी मानसिक कल्पना करें ,ऐसे मनन करें या जागी आंखों से अपने लक्ष्य को इस प्रकार निहारें कि लगे कि सभी कुछ आपके अनुसार
घटित हो रहा है ........
उदाहरण के लिए ...अगर आप छरहरा व् आकर्षक व्यक्तित्व चाहतें है तो स्वंय को उसी स्तिथि में विचारें कि आप बेहद स्वस्थ , सुंदर व् आकर्षक बदन के स्वामी अथवा स्वामिनी हैं आप से अधिक आकर्षक कोई नहीं.
अगर आप मानसिक तनावों से मुक्त होना चाहतें हैं तो अनुभव करें कि "मुझे किसी प्रकार की कोई चिंता नहीं है ","में विश्रामावस्था में हूँ ",
"शांत व् प्रसन्न-चित्त हूँ ". इसी प्रकार घर चाहतें है तो सुंदर , आरामदायक घरकी कल्पना कीजिये ......"आप आराम कुर्सी प़र बैठें है ,सुंदर व् आकर्षक घर है चारों ओर शांति व् हरियाली है ...."
कष्ट दूर करना है तो उस रोग से मुक्त होने की कल्पना कीजिये और स्वंय को पूर्ण रूप से स्वस्थ अनुभव अनुभव करने की मनोकामना को बार-बार दोहराते हुए
कल्पना करें कि आपके शरीर में १६ साल जैसे बालक के समान उर्जा व् शक्ति का संचार हो रहा है , आप रोग मुक्त व् बेहद शक्तिवान हैं.अपनी कोई भी इच्छा जो आप पूरी होते देखना चाहतें हैं उसको मान कर चलिए कि वह पूरी हो रही है स्वंय को सकारात्मक सोच में ढालिए .
डॉ. शालिनिअगम
DIRECTER & FOUNDER
SHUBH AAROGYAM
The spiritual reiki healing & training center
www.aarogyamreiki.com
e-4/30 Krishna Nagar Delhi 110051