नमस्ते भारतवर्ष,
छोटी-छोटी आशाएं ही बड़े-बड़े सपने पूरे करतीं है
हमें कभी भी आशा नहीं छोडनी चाहिए । आशा एक अमूल्य इच्छा है । एक इंधन है जो हमारे जीवन की गाड़ी को उत्साह पूर्वक आगे बढाता है .जिसके जीवन में आशा नहीं जीने का उत्साह भी ख़त्म समझो । जीवन अनेक समस्याओं से भरा हुआ है एक सुलझी नहीं कि दूसरी आरम्भ हो जाती है ऐसे में केवल हमारी आशाए हीं हमें आगे और आगे बढ़ने की प्रेरणा देतीं हैं ।
निराशा हमारे आगे बढ़ने के सभी रास्ते भी बंद कर देती है, और हम से हमारे जीने का अधिकार भी जैसे छीन लेती है ।हम हताश होकर या तो हाथ प़र हाथ रखकर बैठ जातें है या अपने तरक्की के रास्ते खुद ही अपने प़र भरोसा छोड़कर बंद कर लेतें हैं । ऐसा अक्सर हम सब के साथ होता है।
समय नहीं रहा अमुक काम का,पैसा नहीं है,वक़्त नहीं है , या ये बीते समय की बात हो गयी, उम्र हो गयी, इत्यादि-इत्यादि । प़र आशा ना छोड़ो ।
कहना आसन है ...प़र जीवन में ढालना कठिन ....यही सोच रहे हो ना???
किताबी बातें है सब ..............
जब परिस्थितियाँ ही अनुकूल नहीं रही,किस्मत ही अच्छी नहीं है ,तब ख़ाली आशा करने से क्या हो जायेगा ssssssss. ??........है ना बिलकुल यही विचार मन में चल रहे हैं ???????
लेकिन यह भी आजमाया हुआ है कि आशा,उम्मीद ही हमारे कल को रोशन करती है । जिस रास्ते प़र हम चलना चाहते हैं और भविष्य की सारी संभावनाएं हमारी आशाओं प़र ही टिकी है।
आज की मन की इच्छा ,और उस प़र अमल ,हमारा भविष्य निर्धारित करती है । हमारे कठिनाइयों भरे रास्तों को हमारी उम्मीद, हमारी दृढ इच्छा-आशा ,ही सफलता पूर्वक पार करवाती है और हमें अपने गंतव्य तक पहुंचाती है।
जब भी मन में निराशा जगे ....उसी समय उस विचार को झटक आशावादी विचार मन में ले आये ,और तब देखें कैसे पल-भर में ही चेहरे प़र आत्मविश्वास की मुस्कान और आँखों में कुछ कर गुजरने की चमक जाग उठती है ।
by
dr.shaliniagam
m.a. ph.d. in letrature
directer & founder
shubh aarogyam
the spiritual reiki healing & training center
www.aarogyamreiki.com