Saturday, September 5, 2015

Dr.Shalini Agam

'मेरी चाह को समझ तू  छोड़ दे बेमतलब नफरत का सहारा
अब कह तो दिया मैं कतरा भी नहीं और तू है  जहाँ सारा '




1 comment:

Dr.Shalini Agam said...

बेहद शुक्रिया आभार आप सभी की प्रतिक्रियाओ का सम्मानीय मित्र मंडली