Monday, February 26, 2024

 मेरा संसार 

एक एसा रास्ता  जिस पर  चलकर  अपने जीवन को सुगम बनाया मैंने….,

एक सत्य अनुभूति ......एक सत्य-परक चित्रण 

स्वम को बदलो 

सबसे पहले अपनी सोच बदलनी है 

सोच  सकारात्मक होने से विश्वास पैदा होता है '

 " हाँ मैं ये सब कुछ पा सकती हूँ जो पाना चाहती हूँ  "

जब विश्वास पैदा होता है तो ,अपने उपर भरोसा भी अधिक होता है,

दूसरो से पाने की लालसा काम होने लगती है,किसी से उम्मीद भी करने को मन नहीं करता ,

जब स्वं प़र भरोसा होता है ,आपका व्यक्तित्व भी निखरने लगता है ,आत्मविश्वास से भर-पूर होकर और अधिक आकर्षक लगने लगता है ,

एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व सदा हँस-मुख ,धैर्यवान ,सबकी मदद करने वाला ,संयत ,व् सबकी प्रशंसा का पात्र होता है.

तब आपके प्रत्येक कार्य के प्रदर्शन में

आपके कार्यों में बहुत तेजी से सुधार होता है और आपका  अपनी योग्यता, विचार आदि पर पूर्ण विश्वास, आपका आत्मविश्वास ….,

आपको आपके कार्य-क्षेत्र में सबसे  होनहार व् योग्य 

सिद्ध करती है .आप  सफलता के रास्तों प़र  तेजी से दौड़ते चले जातें हैं .और इस तरह आपका जीवन  खुश-हाल होने लगता है.


#drshaliniagam 

#drsweetangel

Tuesday, August 29, 2023

Dr. Shalini Agam

 श्रीमान   जी ,

 मेरी तुलना कामायनी की श्रृद्धा से कर आपने मेरा मान बहुत अधिक बढ़ा  दिया है ......... जब भी  श्रृद्धा को पढ़ा उनके अतुलनीय सौन्दर्य व् मधुर -मदिर  हाव-भाव मेरे मन में ,मेरी कल्पना में ऐसे विचरते थे कि मानो वो एक विलक्षण व् अद्भुत  सौन्दर्य -शालिनी चरित्र हैं    आज स्वम् को उनके समान सुनकर पांव  धरती पर नहीं पड़  रहे   अद्भुत सा बड़ा ही रोमांचक क्षण है मेरे लिए स्वप्निल सा  उपमेय  व् उपमान की पराकाष्ठ पर  श्रद्धेय  व् श्रृद्धा से पूरित ........प्रसाद जी की मैं बहुत बड़ी प्रशंसक हूँ .और मैंने भी "कामायनी " को अनेको बार पढ़ा हैं .......पर मैं उस ऊंचाई पर नहीं जहाँ वो है .................ये तो आपका बड़प्पन है ...........

अनमोल शब्द हैं ये आपके


तुम कामायनी की श्रद्धा 

अतुलनीय ,मदिर-मधुर सी 

विचरती मेरी कल्पना व्योम में 

अगणित अद्वितीय रूप-धवल सी 

स्वप्निल हर्षित  -सुकुमारी  

श्रद्धेय -श्रद्धा पूरित सी

Thursday, January 14, 2021

DrShalini Agam


 

DrShalini Agam

 सितारों से चुरा लूँ बेचैनियाँ ...

और चाँद से वो भोला पन ...

बादलों की बेखास्ता मुहब्बत ..

और हवाओं की सरगोशियाँ ...

फूलों से रेशमी मादकता ..

कलियों का बेपनाह हुस्न ..

फिजाओं की खुशबू भीनी भीनी 

या चुपके से तुम आये हो करीब 

मेरे वजूद में समाये एकदम करीब

कि सांस थम सी गयी है .... #drsweetangel

#drsweetangel

Wednesday, July 24, 2019

Dr.Sweet Angel ... #Myntra

☺️

कभी बेपनाह बरसी कभी गुम सी है..!!

ये बारिश भी कुछ कुछ तुम सी है....!!!!👍🏼👍🏼

#myntra thanks for this wonderful dress



Tuesday, July 16, 2019

For my bro Prashant Mohan

न कुछ चाहे ,न कुछ माँगे ,मगर खुश करने में आगे
है जिन्दा दिल बहुत कर्मठ ,सुबह वो सूर्य सा जागे
लड़ी उसने लड़ाई हर बडी ही शान से अपनी
दिखे तेवर जो हिम्मत के बुरी किस्मत भी डर भागे
बड़ा मासूम सा चहरा गुलाबोें सा भाई मेरे
दुआ मेरी किसी की भी , कभी भी ना नजर लागे

न कोई और तुझ सा है समंदर सी गहन आँ खें
कभी इक झील सी गहरी , रहें सपनों से भी आगे

मिलूँगी गर , कभी रब से , सवालों का , पिटारा है
कई उलझे सिरों में हैं गुथे खामोश से धागे

Shayri

भटकती ज़िन्दगानी की सही मंज़िल लगे मुझको
ठहर जाऊँ बना लूँ आशियाँ,वो दिल लगे मुझको

कई दामन कई हमदम मिलेंगे राह पर लेकिन
ज़माने में फकत तुम प्यार के क़ाबिल लगे मुझको

थी अनजानी सी सूरत वो मगर वो अजनबी ना थी
मेरे शेरों मेरी ग़ज़लों में हर,दाख़िल लगे मुझको

समंदर का सफ़र लेकिन बुझी ना प्यास लहरों की
लहर की जो बुझा दे प्यास वो साहिल लगे मुझको

समा जाएँ बदन दो एक मुट्ठी,और सो जाएँ
अगम की ख़्वाहिशों में बा-ख़ुशी शामिल लगे मुझको
जुस्तजू मिलने की है  नूर-
ए-ज़माना
ऐ खुदा इस बार तो उनसे
मिलाना

वो निगाहें शोख़ वो अंदाज
उनका
उँगलियाँ धीरे से दातों मे
दबाना

वो लबों पर ही रुकी बेताब
बातें
वो दुपट्टे से लजा मुखड़ा
छिपाना

उफ़ ओ वल्लाह मार ना डाले
किसी दिन
कहना अपना फिर वो सीने
से लगाना

शायरी लिखता हूँ मैं तेरे लिए
बस
बन मेरी तक़दीर की  ताबीर
जाना

हो मेरी तुम शालिनी मुझको
पता है
अब बिछड़ कर दूर इस दिल
से न जाना

शायरी

बे-मन से झुकजाने से भी होगा
भला क्या फ़ायदा
सजदे को झुठलाने से भी होगा
भला क्या फ़ायदा

ज़िन्दादिली से ज़िन्दगी का तू
जिये जा हर लम्हा
घुट-घुट के मर जाने से भी होगा
भला क्या फ़ायदा

खुद से मिला दूँ खुद को क्यूँ की
तुझसे कब तक और अब
तौहीन करवाने से भी होगा भला
क्या फ़ायदा

ऐ तंगदिल छलनी किया है रूह
को तूने मेरी
अब जिस्म सहलाने से भी होगा
भला क्या फ़ायदा

अपनों को जो अपना बना लेती
अगम तो बात थी
ग़ैरों को अपनाने से भी होगा
भला क्या फ़ायदा

शायरी

मचल जाते हैं मेरे हाथ कुछ लिखने को तुम पर 
पिघलते जा रहे जज़्बात कुछ लिखने को तुम पर
लिखूँ काग़ज़ पे या शीशे के इस दिल में उतारूँ
बड़ी बेताब है ये रात कुछ लिखने को तुम पर



अब आये हैं महफ़िल तेरी कुछ
तो सुना कर जायेंगे
बेचैन दिल आवाज़ से अपना
बना कर जायेंगे

इक ज़ुल्फ़ भीगी सी महकती सी
बदन की ये नमी
अहसास अपनी तिश्नगी का हम
करा कर जायेंगे

ख़्वाबों मे आना और आकर यूँ
सताना रात-दिन
सपना नहीं इन ओज आँखों में
बुला कर जायेंगे

वो ओट में पलकों की छिप जाना
वो नजरों की हया
चिलमन सजा का आज हम दर से
हटा कर जायेंगे

वो मखमली बातें वो ख़्वाबों की
मुलाक़ातें अगम
है इश्क़ क्या ये रूबरू तुमको
दिखा कर जायेंगे

शायरी by dr sweet angel

शायरी हूँ धड़कनों की आजमा कर देखिये
मैं ग़ज़ल इक मुख़्तसर सी गुनगुना कर देखिये

है शिकायत भी तुम्ही से और तुम ही हो दुआ में
इंतहा ये इश्क़ की अब आप आ कर देखिये

ख़ाब भी मेरे हो तुम ,हो इक हक़ीक़त भी तुम्हीं
ऐसे दीवाने से मिलकर दिल लगा कर दीखिये

प्यार तुम को गर नहीं तो नफ़रतें भी है ये क्यूँ
एक रिश्ता बेनाम सा ही अब बना कर दीखिये

ख़्वाहिशें ही दफ़्न कर , न चादरें ही अब बड़ी
ख़ूबसूरत सी तरह ये पल निभा कर देखिये

मुस्किलें मिट जायेगी उस दिन सभी ये ज़िन्दगी की
हाल पर अपने कभी तो मुस्कुरा कर देखिये

आतिशी ये रंग चहरे का तुम्हीं से है अगम
नूर मेरे इस  वज़ू का पास आ कर देखिये
सिसकते दिल के कोनो में कहीं तनहाइयाँ रह जाएंगी
तेरे जाने से ये मदहोश सी गरमाईयां रह जाएंगी

कभी हम सोचते हैं कैद करलूँ  क़ब्र में खुद को मगर
छुअन की आस में ज़िन्दा मेरी सिसकारियाँ रह जाएँगी

अभी भी वक़्त है ठहरो जरा सी गुफ़्तगू कर लो कभी
मलोगे हाथ वरना चीखती खामोशियाँ रह जाएंगी

मेरे हिस्से लिखा है,ख़्याल मैं तेरा रखूँ बेइंतहा
तेरे हिस्से में बस हँसती हुई लाचारियाँ रह जाएंगी

अगम ज़ाहिर करे गर ख्वाहिशों तुम से, तो है तौहीन ये
सको गर रूह पढ़ वरना फ़क़त मजबूरियाँ रह जाएंगी

Dr.shalini Agam

काश ……………
मेरी याद-दाश्त खो जाये
काश
मैं भूल जाऊँ कि तू कौन है
काश
मैं फिर से खुद को अकेला समझ
सपने कुछ बुनूँ अपने प्यार के
काश
मैं सुन ही न पाऊँ अपने दर्द की कहानी
काश
 जान ही न पाऊँ कि  ये आँखें अचानक क्यों भर आयीं
काश
आसक्ति से विरक्ति की ओर  कभी जा ही न पाऊँ
काश
तू मुझे मिले  और मुझे  पहचान ही न पाए
कि   फिर से हम  प्रेम भरे गीत गायें
काश
तू नए रूप -रंग में  आकर
फिर से रंग दे अपने ही  रंग में
 काश
फिर जन्म ले कर तुझे फिर से पा जाऊँ 
काश
की तुझे पाने की मेरी जिद ही
हमारे पुनर्मिलन का कारण  बन जाये

Dr.sweet Angel