Thursday, January 14, 2021

DrShalini Agam


 

DrShalini Agam

 सितारों से चुरा लूँ बेचैनियाँ ...

और चाँद से वो भोला पन ...

बादलों की बेखास्ता मुहब्बत ..

और हवाओं की सरगोशियाँ ...

फूलों से रेशमी मादकता ..

कलियों का बेपनाह हुस्न ..

फिजाओं की खुशबू भीनी भीनी 

या चुपके से तुम आये हो करीब 

मेरे वजूद में समाये एकदम करीब

कि सांस थम सी गयी है .... #drsweetangel

#drsweetangel

Wednesday, July 24, 2019

Dr.Sweet Angel ... #Myntra

☺️

कभी बेपनाह बरसी कभी गुम सी है..!!

ये बारिश भी कुछ कुछ तुम सी है....!!!!👍🏼👍🏼

#myntra thanks for this wonderful dress



Tuesday, July 16, 2019

For my bro Prashant Mohan

न कुछ चाहे ,न कुछ माँगे ,मगर खुश करने में आगे
है जिन्दा दिल बहुत कर्मठ ,सुबह वो सूर्य सा जागे
लड़ी उसने लड़ाई हर बडी ही शान से अपनी
दिखे तेवर जो हिम्मत के बुरी किस्मत भी डर भागे
बड़ा मासूम सा चहरा गुलाबोें सा भाई मेरे
दुआ मेरी किसी की भी , कभी भी ना नजर लागे

न कोई और तुझ सा है समंदर सी गहन आँ खें
कभी इक झील सी गहरी , रहें सपनों से भी आगे

मिलूँगी गर , कभी रब से , सवालों का , पिटारा है
कई उलझे सिरों में हैं गुथे खामोश से धागे

Shayri

भटकती ज़िन्दगानी की सही मंज़िल लगे मुझको
ठहर जाऊँ बना लूँ आशियाँ,वो दिल लगे मुझको

कई दामन कई हमदम मिलेंगे राह पर लेकिन
ज़माने में फकत तुम प्यार के क़ाबिल लगे मुझको

थी अनजानी सी सूरत वो मगर वो अजनबी ना थी
मेरे शेरों मेरी ग़ज़लों में हर,दाख़िल लगे मुझको

समंदर का सफ़र लेकिन बुझी ना प्यास लहरों की
लहर की जो बुझा दे प्यास वो साहिल लगे मुझको

समा जाएँ बदन दो एक मुट्ठी,और सो जाएँ
अगम की ख़्वाहिशों में बा-ख़ुशी शामिल लगे मुझको